तोरी RIDGE GOURD जूलाई की फसल लगाउ मोटा पैसा कमाउ

तोरी (Ridge gourd) एक लोकप्रिय सब्जी फसल है जिसे आप अपने क्षेत्र में उगा सकते हैं। यहां तोरी की फसल के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी है:

1. मौसम और भूमि: तोरी उष्णकटिबंधीय मौसम में अच्छे रूप से उगाई जाती है। यह 25-35 डिग्री सेल्सियस तापमान और नियमित समुच्चय वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। इसे धूप के लिए उगाएं, क्योंकि तोरी सूरज की रोशनी की आवश्यकता होती है।

2. बीज का चयन: उच्च गुणवत्ता वाले तोरी के बीजों का चयन करें। नवीनतम औद्योगिक तकनीकों का उपयोग करने वाले प्रमुख बीज कंपनियों से प्राप्त बीजों का उपयोग करें।

3. खेती की तैयारी: तोरी के लिए मृदा तैयार करें। इसके लिए उपयुक्त मिट्टी की जांच करें और उच्च कीटनाशक मुक्त मिट्टी उपयुक्त होगी। धानी के मल्टीचर बेड या उच्च माउंट की तकनीक का उपयोग करके भी तोरी को उगाया जा सकता है।

4. बोना और रोपाई: तोरी के लिए बोने के लिए खुदरा बीजों की उचित मात्रा का उपयोग करें। इसे जल्दी बोने के लिए पंक्ति अंतराल उपयोग करें। बोने के बाद, पौधों को 1-2 फीट की दूरी पर स्थानांतरित करें।

5. पानी प्रबंधन: तोरी पौधों को नियमित रूप से पानी दें, लेकिन जल भरे नीचे की मिट्टी को रोकने के लिए सुनिश्चित करें। पौधों को प्रतिदिन 1-2 इंच पानी दें या आपके क्षेत्र की मान्यता अनुसार पानी दें।

6. रोग प्रबंधन: तोरी पौधों को कीटनाशकों और रोगों से बचाएं। पौधों के आसपास कीट और रोगों की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर उपचार करें।

तोरी की फसल की विस्तृत जानकारी और तकनीकी निर्देशों के लिए, स्थानीय कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों से सलाह लेना सुझावित है। यह आपको उचित प्रबंधन, उत्पादन और बाजार में अच्छा प्रॉफिट कमाने में मदद करेगा।

तोरी फसल के लिए सिंचाई की योजना बनाने के लिए निम्नलिखित नुस्खे अनुसरण करें:

1. सिंचाई की आवश्यकता का निर्धारण: तोरी पौधों के लिए महत्वपूर्ण है कि आप उन्हें स्थिर और प्रतिष्ठित पानी की आपूर्ति प्रदान करें। तोरी पौधों को नियमित रूप से पानी देना आवश्यक होता है, लेकिन जल भरे नीचे की मिट्टी से बचाएं। सामान्य रूप से, प्रतिदिन 1-2 इंच पानी देना अच्छा माना जाता है, या आपके क्षेत्र की मान्यता अनुसार पानी दें। तोरी की फसल के लिए मात्रा और अंतराल को मौसम के आधार पर भी बदलने की आवश्यकता हो सकती है।

2. सिंचाई की विधि: तोरी की सिंचाई के लिए बुवाई या डिच के निकट जल बिंदुओं का उपयोग करें। सिंचाई के लिए ट्रिक्टल सिस्टम, ड्रिप आयरिगेशन या स्प्रिंकलर सिस्टम का उपयोग करना अच्छा विचार हो सकता है। इससे पानी का बचाव होता है और पौधों को समान रूप से पानी प्राप्त होता है।

3. मान्यता प्राप्त तकनीकों का उपयोग करें: तकनीकी उन्नति, जैसे कि मूलभूत निकायों का उपयोग, पूर्वानुमान आधारित सिंचाई, जल बचाव उपकरणों का उपयोग आदि, सिंचाई प्रबंधन को सुगम और प्रभावी बनाने में मदद कर सकती है।

बाजार में तोरी की कमाई भी कई आंकड़ों पर निर्भर करेगी, जैसे कि उत्पादन मात्रा, बाजार की मांग, उत्पाद की क्वालिटी, बाजारी दरें आदि। स्थानीय बाजार, आपके क्षेत्र की विशेषताओं, और मौसमिक परिस्थितियों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा। यह स्थानीय किसानों और बाजार विश्लेषकों से सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

कृपया ध्यान दें कि प्रॉफिट को निर्धारित करने के लिए व्यक्तिगत कारकों की विशेषता और स्थानीय परिस्थितियों का अनुमान लगाना जरूरी होता है। इसलिए, स्थानीय कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेना सर्वोत्तम होगा।

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